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Monday, April 21, 2014

Speedy Recovery wishes 04-22

Ashok Chakradhar's message after the successful operation.

धन्यवाद डाॅ. यश गुलाटी!
मुसीबत काटी!
बाहर निकल आए तार,
राहत अपार।
धन्यवाद डाॅ. वलेछा, जिन्होंने दिया,
जनरल एनैस्थीसिया।
ओटी से कक्ष में लौटा,
आपका ये चैतन्य चिरौटा!
कष्ट बस दो चार दिन का,
फिर वही रफ्तार-ए-दाना-तिनका।
और मित्रो
आप सबको शुभकामनाओं के लिए
धन्यवाद,
अब लिखता हूं
चाचा-चंपू संवाद!


Praying for the speedy recovery of the great poet, Ashok Chakradhar


चंपू संवाद की प्रतीक्षा हो रही हैं।
जल्दी ठीक हो जाइएगा अशोक भैया,
सब्र का पुल नाजुक होता है,
कही टूट न जाए।
आपकी speedy recovery के लिए शुभकामनाएं।
बस इतना एहसान करना अशोक भैया ,
डॉक्टर को अपनी कविता न सुनाना,
ऐसा न हो की डॉक्टर मंत्र मुग्द हो जाएँ
और ऑपरेशन किसी और का हो जायें।
शुभकमानों के साथ
श्याम 
आज निकलना था
क्षेत्रीय हिंदी सम्मेलन के लिए अमरीका,
लेकिन मिजाज़ बिगड़ा हुआ है
श्रीमान घुटने जी का!
टूट चुके हैं अंदर पड़े तार,
निकालने से ही होगा निस्तार!
फंस गए बेकार के टंटे में,
आॅपरेशन होना है
आधे घंटे में!
जिसे मेरी छोटी-छोटी तकलीफों पर
होता था अवसाद,
वो ऊपर गई नानी
कर रही होगी याद!
थैंकयू नानी,
थैंक्यू बागेश्री रानी!
आज आॅपरेशन के बाद,
मूर्छना टूटने पर लिखूंगा
चाचा चंपू संवाद।

Saturday, March 15, 2014

एक सच्चा दुश्मन दे दे मेरे मालिक




Shyam's reply

कांच पर भी  आंच सकती हैं,छाया काया को छोड़कर जा  सकती। 


दोस्ती भी चंद सिक्को के लिए बिक सकती हैं,

सच्चे  हैं तो बस माँ  और दुश्मन, वे  ही ऐसे दर्पण हैं, जो,

आपके ऐब आपको दिखा कर, आपकी हस्ती को उभारते हैं।  

दोस्तों में  दुश्मन कई मिल जाते मगर,  

बेनक़ाब दुश्मन गर एक मिल जाएँ  अगर  .…… 

एक  सच्चा  दुश्मन दे दे  मेरे मालिक 

Friday, August 19, 2011

Hum na rahe to kya 08-19




दर्द हल्का सा है,सांस भारी हैं, जिए जाने की रस्म जारी हैं.

हे मौत मुझ से पर्दा ना कर, अब तेरे आने की बारी हैं 



ना गिला मौत से हैं, ना ज़िन्दगी से,ना ही बेरुखी हैं,खुदा  के बन्दे से 

बस रब का बुलावा है,सब छोड़ जाने की तयारी हैं







हम ना रहे तो क्या,हमारी यादें रहेंगी,

नज्मे हमारी,जीने का सहारा बनेंगी 


तन्हाई जब सताए,टाक लेना आसमां

बादलों में, धुंदली ही सही,आपको 

हामारी मुस्कुराती तस्वीर मिलेंगी

आँचल में छुपा लेना हमें,

दिल को राहत और तस्सली मिलेंगी 


गर  गम हद से गुजर जाए तो,चंद आंसू बहा देना,

आंसू पी जायेंगे हम,तड़पते रूह को चाहत मिलेंगी.



हम ना रहे तो क्या,हमारी यादें रहेंगी,
 


नज्मे हमारी,जीने का सहारा 











We naturally feel elated when we cross a Milestone, but the very next moment we forget all about it and start in pursuit of the next Milestone.

How does the Milestone feel when it is treated as a Hero one moment and forgotten the next.

I have tries to present the feelings of the Milestone in my verse in Hindi.Hope you would like it.

मील का एक पत्थर हूँ मैं,
मुझ तक पोहंच्ना,हर कोई चाहता हैं क्यो
पोहंच कर,हर कोई आगे जाता है क्यों
दोबारा नहीं कोई आता है क्यों

मुझ तक पोहंचने की चाह,होती है सब में
कृषी और संकल्प,बस होतें है कुछ में
पहुँच पाना मुझ तक आसन नहीं ,
दिन में दिखा देता हूँ , तारे नभ में .